Skip to main content

Vitamin B12 क्यों जरूरी हैं और किन - किन चीजों में मिलता है!

 Vitamin B12 क्या है?

Vitamin B12 (कोबालामिन) एक आवश्यक विटामिन है जो हमारे शरीर की नसों (Nerves), मस्तिष्क (Brain), लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) और DNA के निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसकी कमी होने पर शरीर और दिमाग दोनों प्रभावित हो सकते हैं।



Vitamin B12 क्यों जरूरी है?

✅ नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

✅ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है।

✅ शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

✅ याददाश्त और एकाग्रता को बेहतर बनाए रखने में सहायक है।

✅ हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन जैसी समस्याओं से बचाव करता है।



Vitamin B12 की कमी के लक्षण

▶️लगातार थकान और कमजोरी

▶️चक्कर आना

▶️हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन

▶️चलने में असंतुलन

▶️याददाश्त कमजोर होना

▶️सांस फूलना

▶️जीभ में जलन या लालपन



यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर Vitamin B12 की जांच करवानी चाहिए।

Vitamin B12 किन चीज़ों में मिलता है?

शाकाहारी स्रोत 

👉दूध

👉दही

👉पनीर

👉फोर्टिफाइड अनाज (Fortified Cereals)

👉फोर्टिफाइड सोया/बादाम का दूध

👉न्यूट्रिशनल यीस्ट (Fortified)

ध्यान दें: प्राकृतिक रूप से Vitamin B12 मुख्यतः पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए पूर्ण शाकाहारी (Vegan) लोगों को डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट की आवश्यकता पड़ सकती है।

मांसाहारी स्रोत

👉अंडा

👉मछली (Salmon, Tuna, Sardine)

👉चिकन

👉मटन

👉लीवर (Liver)

किन लोगों में Vitamin B12 की कमी का खतरा अधिक होता है?

➡️50 वर्ष से अधिक आयु के लोग

➡️पूर्ण शाकाहारी (Vegan)

➡️लंबे समय तक एसिडिटी की दवा लेने वाले

➡️मधुमेह की कुछ दवाएं (जैसे Metformin) लंबे समय तक लेने वाले

➡️पेट या आंत की कुछ बीमारियों से पीड़ित लोग



Vitamin B12 की कमी से बचने के उपाय

1️⃣संतुलित और पौष्टिक आहार लें।

2️⃣डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर Vitamin B12 की जांच करवाएँ।

3️⃣आवश्यकता होने पर केवल चिकित्सकीय सलाह से B12 सप्लीमेंट या इंजेक्शन लें।

4️⃣लंबे समय तक कमजोरी, सुन्नपन या झुनझुनी को नजरअंदाज न करें।

निष्कर्ष

Vitamin B12 शरीर की नसों, मस्तिष्क और रक्त कोशिकाओं के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी समय रहते पहचानकर सही आहार और उचित उपचार से अधिकांश समस्याओं को रोका जा सकता है। यदि आपको लगातार कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी या संतुलन में परेशानी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

Neuro Spine Clinic

Dr. F. A. Khan, MPT (Neurology)

"Sahi Jagah, Sahi Ilaj"

Indira Nagar, Lucknow


JOIN US ON : 


1.You tube 

https://youtube.com/@drfaizalamkhan?si=wE43Grv8EdSnCURL

2.Instagram

https://www.instagram.com/neuro_spine_clinic_lko?igsh=YmdobGgxMnZtaDZm

3.Linkdin 

https://www.linkedin.com/in/dr-f-a-khan-6316a524b?utm_source=share&utm_campaign=share_via&utm_content=profile&utm_medium=android_app

4. Linktr.ee

https://linktr.ee/neurospineclinic


5. What'sup Group

#NEURO SPINE CLINIC 

https://chat.whatsapp.com/Ha7KU74BmGpEPyJIvu8N1X?s=sh&p=a&ilr=0&amv=0

#SCI GROUP RML

https://chat.whatsapp.com/LYF7KLNTMm

B7Q7noahMa33?s=sh&p=a&ilr=1






Comments

Popular posts from this blog

FROZEN SHOULDER & Best Physiotherapy Exercises by Dr F. A. Khan MPT(Neurology)

FROZEN SHOULDER : Causes, Symptoms, Treatment & Best Physiotherapy Exercises  Frozen Shoulder क्या है? (What is Frozen Shoulder?) Frozen Shoulder, जिसे मेडिकल भाषा में Adhesive Capsulitis कहा जाता है, कंधे (Shoulder) की एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे के जोड़ के चारों ओर मौजूद कैप्सूल में सूजन (Inflammation) और जकड़न (Stiffness) आ जाती है। समय के साथ यह कैप्सूल मोटा और सख्त हो जाता है, जिससे कंधे की हर दिशा में मूवमेंट कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है। इस समस्या में व्यक्ति को हाथ ऊपर उठाने, पीछे ले जाने, बाल संवारने, कपड़े पहनने, जेब से सामान निकालने या सिर के ऊपर कोई वस्तु रखने जैसी सामान्य गतिविधियाँ करने में कठिनाई होती है। कई मरीजों को रात के समय दर्द अधिक महसूस होता है, जिससे नींद भी प्रभावित हो सकती है फ्रोजन शोल्डर आमतौर पर 40 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में अधिक देखा जाता है। यह मधुमेह (Diabetes), थायरॉयड की समस्या, कंधे की चोट, सर्जरी के बाद लंबे समय तक हाथ न हिलाने, स्ट्रोक या कुछ अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के बाद होने की संभावना अधिक रहती है। Dr F A khan के अनुसार...

अच्छी और खराब पोस्चर (Good Posture vs Bad Posture): आपकी सेहत पर इसका क्या असर पड़ता है?

अच्छी और खराब पोस्चर (Good Posture vs Bad Posture): आपकी सेहत पर इसका क्या असर पड़ता है? आजकल अधिकांश लोग घंटों तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। गलत तरीके से बैठने, खड़े होने या चलने की आदत धीरे-धीरे खराब पोस्चर (Bad Posture) का कारण बन जाती है। यही आदत आगे चलकर गर्दन, कंधे और कमर के दर्द जैसी कई समस्याओं को जन्म देती है। सही और गलत पोस्चर: जानें सही बॉडी पोस्चर क्यों जरूरी है और फिजियोथेरेपी की भूमिका आज के डिजिटल युग में, जब हम दिन का ज्यादातर समय मोबाइल स्क्रीन के सामने, कंप्यूटर पर या गलत तरीके से बैठकर बिताते हैं, तो पोस्चर (Posture) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न, और कंधों का झुकना अब आम बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सही पोस्चर केवल दिखने में अच्छा नहीं लगता, बल्कि यह आपके संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है? आइए समझते हैं कि सही और गलत पोस्चर में क्या अंतर है और फिजियोथेरेपी इसमें आपकी कैसे मदद कर सकती है। 1. पोस्चर (Posture) क्या है? पोस्चर वह स्थिति (Position) है जिसमें आप खड़े होते हैं, बैठते हैं, सोते है...

About us :- Dr. F. A. Khan (faiz alam khan)

  Dr. F. A. Khan   MPT(NEURO) Doctor Of Physical Therapy (DPT),BPT, DNHE, CCP, MTFI Physiotherapist 15  Years Experience Overall Dr. F. A. Khan is a Physiotherapist in Indira Nagar, Lucknow and has an experience of 15 years in this field. Dr. F. A. Khan practices at Alams Physiotherapy & Homoeopathic Clinic (NEURO ALAMS CLINIC) in Indira Nagar, Lucknow. He completed Doctor Of Physical Therapy (DPT) from U.P State Medical Faculty in 2007,BPTh/BPT from MEERUT UNIVERSITY in 2012 and DNHE from IGNOU in 2013 AND MASTER IN NEURO 2018 DONE. He is a member of Indian Association of Physiotherapist. Some of the services provided by the doctor are: Occupational Physiotherapy, Rehabilitation Therapy and Consultant Physiotherapy etc. Master in NEURO Related disorder.... MOB. 8960-50-7080 EMAIL;   alamsclinic@gmail.com