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FROZEN SHOULDER & Best Physiotherapy Exercises by Dr F. A. Khan MPT(Neurology)

FROZEN SHOULDER : Causes, Symptoms, Treatment & Best Physiotherapy Exercises 

Frozen Shoulder क्या है? (What is Frozen Shoulder?)

Frozen Shoulder, जिसे मेडिकल भाषा में Adhesive Capsulitis कहा जाता है, कंधे (Shoulder) की एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे के जोड़ के चारों ओर मौजूद कैप्सूल में सूजन (Inflammation) और जकड़न (Stiffness) आ जाती है। समय के साथ यह कैप्सूल मोटा और सख्त हो जाता है, जिससे कंधे की हर दिशा में मूवमेंट कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है।

इस समस्या में व्यक्ति को हाथ ऊपर उठाने, पीछे ले जाने, बाल संवारने, कपड़े पहनने, जेब से सामान निकालने या सिर के ऊपर कोई वस्तु रखने जैसी सामान्य गतिविधियाँ करने में कठिनाई होती है। कई मरीजों को रात के समय दर्द अधिक महसूस होता है, जिससे नींद भी प्रभावित हो सकती है



फ्रोजन शोल्डर आमतौर पर 40 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में अधिक देखा जाता है। यह मधुमेह (Diabetes), थायरॉयड की समस्या, कंधे की चोट, सर्जरी के बाद लंबे समय तक हाथ न हिलाने, स्ट्रोक या कुछ अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के बाद होने की संभावना अधिक रहती है।

Dr F A khan के अनुसार समय पर सही फिजियोथेरेपी और व्यायाम शुरू किए जाएँ, तो अधिकांश मरीज बिना सर्जरी के धीरे-धीरे अपनी कंधे की सामान्य कार्यक्षमता वापस प्राप्त कर सकते हैं।

याद रखें: जितनी जल्दी उपचार शुरू किया जाता है, उतनी ही जल्दी दर्द और जकड़न से राहत मिलने की संभावना होती है।

 

फ्रोजन शोल्डर के सामान्य लक्षण (Common Symptoms of Frozen Shoulder)

फ्रोजन शोल्डर धीरे-धीरे विकसित होने वाली समस्या है। शुरुआत में केवल हल्का दर्द महसूस हो सकता है, लेकिन समय के साथ कंधा अधिक जकड़ जाता है और उसे हिलाना कठिन हो जाता है। यदि निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो यह फ्रोजन शोल्डर का संकेत हो सकता है।

हम फ्रोजन शोल्डर को कैसे पहचान सकते हैं?

1. कंधे में लगातार दर्द

शुरुआत में हल्का दर्द होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ सकता है। दर्द आराम करते समय या रात में भी बना रह सकता है।

2. कंधे में जकड़न (Stiffness)

कंधा धीरे-धीरे इतना जकड़ जाता है कि उसे सभी दिशाओं में घुमाना कठिन हो जाता है।

3. हाथ ऊपर उठाने में कठिनाई

सिर के ऊपर सामान रखना, बाल बनाना या कपड़े पहनना मुश्किल हो जाता है।

4. हाथ पीछे ले जाने में परेशानी

पीछे की जेब से पर्स या मोबाइल निकालना, बेल्ट पहनना या पीठ खुजलाना कठिन हो जाता है।

5. रात में दर्द बढ़ जाना

कई मरीजों को रात में करवट बदलते समय या प्रभावित कंधे की तरफ सोने पर अधिक दर्द महसूस होता है।

6. दैनिक कार्य करने में कठिनाई

* शर्ट या टी-शर्ट पहनना

* बालों में कंघी करना

* नहाना

* ऊँची शेल्फ से सामान उठाना

* गाड़ी चलाना

* जैसे सामान्य काम भी मुश्किल हो सकते हैं।

7. कंधे की मूवमेंट कम होना

केवल मरीज ही नहीं, बल्कि यदि कोई दूसरा व्यक्ति भी आपका हाथ उठाने की कोशिश करे, तब भी कंधे की मूवमेंट सीमित रहती है। यह फ्रोजन शोल्डर की एक महत्वपूर्ण पहचान है।

8. कमजोरी महसूस होना

लंबे समय तक कंधा कम इस्तेमाल करने के कारण आसपास की मांसपेशियाँ कमजोर होने लगती हैं।

9. दर्द के कारण हाथ कम इस्तेमाल करना

दर्द की वजह से मरीज प्रभावित हाथ का उपयोग कम करने लगता है, जिससे जकड़न और बढ़ सकती है।

कब तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें?

यदि:

कंधे का दर्द 2–3 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे।

हाथ ऊपर उठाना या पीछे ले जाना लगातार कठिन होता जाए।

रात में दर्द के कारण नींद प्रभावित होने लगे।

कंधे की जकड़न तेजी से बढ़ रही हो।

दैनिक कार्य करना मुश्किल हो रहा हो।

तो बिना देर किए  Dr F. A. Khan MPT(Neurology)  फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। समय पर शुरू की गई फिजियोथेरेपी से दर्द कम करने, कंधे की मूवमेंट वापस लाने और सामान्य जीवन में जल्दी लौटने में मदद मिल सकती है।

Frozen Shoulder के कारण (Causes of Frozen Shoulder)

Frozen Shoulder (Adhesive Capsulitis) तब होता है जब कंधे के जोड़ (Shoulder Joint) के चारों ओर मौजूद Joint Capsule में सूजन (Inflammation), मोटापन (Thickening) और जकड़न (Stiffness) आ जाती है। इसके कारण कंधे की मूवमेंट धीरे-धीरे कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है।

Frozen Shoulder के प्रमुख कारण

1. Diabetes (मधुमेह)

डायबिटीज़ फ्रोजन शोल्डर का सबसे सामान्य जोखिम कारक है। जिन लोगों को डायबिटीज़ होती है, उनमें यह समस्या होने की संभावना सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।

2. लंबे समय तक कंधे को न हिलाना (Prolonged Immobilization)

यदि चोट, फ्रैक्चर, सर्जरी या दर्द के कारण कंधे को कई सप्ताह तक नहीं हिलाया जाता, तो कंधा धीरे-धीरे जकड़ सकता है।

3. Shoulder Injury (कंधे की चोट)

गिरने, दुर्घटना, खेल के दौरान चोट या लिगामेंट/मांसपेशियों की चोट के बाद फ्रोजन शोल्डर विकसित हो सकता है।

4. Shoulder Surgery

कंधे की सर्जरी के बाद यदि समय पर फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज़ शुरू नहीं की जाती, तो कंधा जकड़ सकता है।

5. Rotator Cuff Injury

रोटेटर कफ की चोट या सूजन के कारण दर्द होता है, जिससे मरीज कंधा कम 

हिलाता है और आगे चलकर फ्रोजन शोल्डर विकसित हो सकता है।

6. Thyroid Disorders

हाइपोथायरॉयडिज़्म (Hypothyroidism) और हाइपरथायरॉयडिज़्म (Hyperthyroidism) वाले लोगों में भी इसका खतरा अधिक होता है।

7. Stroke (लकवा)

स्ट्रोक के बाद प्रभावित हाथ की मूवमेंट कम होने से कंधा जकड़ सकता है।

8. Parkinson's Disease

पार्किंसन रोग में शरीर की गति कम हो जाती है, जिससे कंधे की जकड़न बढ़ सकती है।

9. Heart Surgery या Chest Surgery

कुछ मरीजों में हार्ट या छाती की सर्जरी के बाद लंबे समय तक हाथ कम इस्तेमाल करने से फ्रोजन शोल्डर हो सकता है।

10. बढ़ती उम्र (Age)

यह समस्या सबसे अधिक 40–60 वर्ष की आयु के लोगों में देखी जाती है।

11. महिलाओं में अधिक जोखिम

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में फ्रोजन शोल्डर अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है।

12. बिना किसी स्पष्ट कारण के (Primary/Idiopathic Frozen Shoulder)

कई बार किसी स्पष्ट चोट या बीमारी के बिना भी फ्रोजन शोल्डर हो जाता है। इसे Primary (Idiopathic) Frozen Shoulder कहा जाता है।



Frozen Shoulder के लिए प्रभावी एक्सरसाइज़ (Best Exercises for Frozen Shoulder)

महत्वपूर्ण: सभी एक्सरसाइज़ दर्द की सीमा (Pain-Free Range) में करें। यदि दर्द बहुत अधिक बढ़े या अचानक तेज दर्द महसूस हो, तो एक्सरसाइज़ रोक दें और अपने फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।

Neuro Spine Clinic में  Dr. F. A. Khan, MPT (Neurology)  प्रत्येक मरीज की स्थिति का मूल्यांकन करके उसकी अवस्था के अनुसार व्यक्तिगत (Personalized) एक्सरसाइज़ प्रोग्राम तैयार करते हैं।

1. Pendulum Exercise (पेंडुलम एक्सरसाइज़)

उद्देश्य: दर्द कम करना और कंधे की मूवमेंट बढ़ाना।

कैसे करें:

एक हाथ को टेबल पर रखें।

शरीर को थोड़ा आगे झुकाएँ।

प्रभावित हाथ को नीचे लटकने दें।

हाथ को धीरे-धीरे आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ और गोल-गोल घुमाएँ।

दोहराव: 30–60 सेकंड × 3 सेट


Dr. F. A. Khan की सलाह: इस एक्सरसाइज़ को बिना झटके और आरामदायक गति से करें।

2. Finger Walk (Wall Climbing Exercise)

उद्देश्य: हाथ को ऊपर उठाने की क्षमता बढ़ाना।

कैसे करें:

दीवार के सामने खड़े हों।

उंगलियों की मदद से धीरे-धीरे दीवार पर ऊपर चढ़ाएँ।

5–10 सेकंड रुकें।

धीरे-धीरे हाथ नीचे लाएँ।

दोहराव: 10–15 बार × 2–3 सेट

Neuro Spine Clinic में यह एक्सरसाइज़ मरीज की दर्द की अवस्था के अनुसार सिखाई जाती है ताकि सुरक्षित रूप से कंधे की मूवमेंट बढ़ सके।


3. Isometric Shoulder Exercises

उद्देश्य: बिना अधिक मूवमेंट के कंधे की मांसपेशियों को मजबूत बनाना।

कैसे करें:

हाथ को दीवार पर हल्का दबाएँ।

5 सेकंड तक दबाव बनाए रखें।

आराम करें।

दोहराव: 10 बार × 3 सेट


4. Towel Stretch (तौलिया स्ट्रेच)

उद्देश्य: कंधे की पीछे की मूवमेंट (Internal Rotation) सुधारना।

कैसे करें:

एक तौलिया पीठ के पीछे पकड़ें।

ऊपर वाला हाथ तौलिया को धीरे-धीरे ऊपर खींचे।

हल्का स्ट्रेच महसूस होने तक करें।

दोहराव: 10 बार, प्रत्येक बार 15–20 सेकंड



5. Cross-Body Stretch

उद्देश्य: कंधे के पीछे के भाग की जकड़न कम करना।

कैसे करें:

प्रभावित हाथ को छाती के सामने लाएँ।

दूसरे हाथ से हल्के से अपनी ओर खींचें।

15–20 सेकंड तक रोकें।

दोहराव: 5 बार

Dr. F. A. Khan  बताते हैं कि स्ट्रेचिंग के दौरान हल्का खिंचाव सामान्य है, लेकिन तेज दर्द होने पर एक्सरसाइज़ रोक दें।



6. External Rotation with Stick

उद्देश्य: कंधे की बाहरी घुमाव (External Rotation) बढ़ाना।

कैसे करें:

दोनों हाथों से एक डंडा पकड़ें।

स्वस्थ हाथ की सहायता से प्रभावित हाथ को धीरे-धीरे बाहर की ओर घुमाएँ।

दोहराव: 10–15 बार × 3 सेट


7. Shoulder Blade Squeeze

उद्देश्य: पोश्चर सुधारना और कंधे की स्थिरता बढ़ाना।

कैसे करें:

सीधे बैठें या खड़े हों।

दोनों कंधों को पीछे ले जाकर शोल्डर ब्लेड्स को आपस में मिलाएँ।

5 सेकंड तक रोकें।

दोहराव: 15 बार × 3 सेट

Neuro Spine Clinic में सही पोश्चर और स्कैपुलर कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे रिकवरी बेहतर होती है।


8. Active Assisted Shoulder Flexion

उद्देश्य: हाथ ऊपर उठाने की क्षमता बढ़ाना।

कैसे करें:

दोनों हाथों को आपस में पकड़ें।

स्वस्थ हाथ की सहायता से प्रभावित हाथ को धीरे-धीरे ऊपर उठाएँ।

दर्द की सीमा तक ही जाएँ।

दोहराव: 10–15 बार × 3 सेट


Dr. F. A. Khan के अनुसार, सही समय पर शुरू की गई आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज़ कंधे की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

एक्सरसाइज़ करते समय ध्यान रखें

क्या करें (Do's)

एक्सरसाइज़ नियमित करें।

पहले हल्की गर्म सिकाई (यदि सलाह दी गई हो) करें।

धीरे-धीरे मूवमेंट बढ़ाएँ।

सही तकनीक अपनाएँ।

क्या न करें (Don'ts)

दर्द सहकर ज़बरदस्ती स्ट्रेच न करें।

अचानक झटके वाले मूवमेंट न करें।

भारी वजन न उठाएँ।

बिना विशेषज्ञ की सलाह के कठिन एक्सरसाइज़ शुरू न करें।

याद रखें

फ्रोजन शोल्डर का इलाज केवल दवा से नहीं, बल्कि नियमित और सही फिजियोथेरेपी से अधिक प्रभावी होता है। Neuro Spine Clinic में  Dr. F. A. Khan, MPT (Neurology) प्रत्येक मरीज के लिए उसकी स्थिति के अनुसार उपचार और एक्सरसाइज़ प्रोग्राम तैयार करते हैं, जिससे दर्द कम करने, कंधे की मूवमेंट बढ़ाने और दैनिक जीवन में जल्दी वापसी करने में मदद मिलती है।


Neuro Spine Clinic

Dr. F. A. Khan, MPT (Neurology)

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