🧠 स्ट्रोक के बाद Neuro Rehabilitation की भूमिका सही समय पर सही रिहैबिलिटेशन से बेहतर हो सकती है रिकवरी Neuro Spine Clinic | Dr. F. A. Khan स्ट्रोक (Stroke) एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुकने या मस्तिष्क में रक्तस्राव होने के कारण दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुँच सकता है। इसका असर व्यक्ति की चलने-फिरने, बोलने, हाथ-पैर हिलाने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर पड़ सकता है। लेकिन स्ट्रोक के बाद सही देखभाल और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार Neuro Rehabilitation (न्यूरो रिहैबिलिटेशन) से मरीज को अपनी क्षमताएँ दोबारा विकसित करने और अधिक स्वतंत्र जीवन जीने में मदद मिल सकती है। 🔹 स्ट्रोक के बाद कौन-कौन सी समस्याएँ हो सकती हैं? स्ट्रोक के बाद हर मरीज की स्थिति अलग होती है। आम समस्याओं में शामिल हैं: हाथ या पैर में कमजोरी अथवा लकवा। चलने, खड़े होने और संतुलन बनाने में परेशानी। हाथ-पैर के मूवमेंट और मांसपेशियों के नियंत्रण में कमी। मांसपेशियों में अकड़न (Spasticity)। बोलने, समझने या निगलने में कठिनाई। रोजमर्रा के काम, जैसे...
DR. F. A. KHAN MPT(NEURO)
ALAMS PHYSIOTHERAPY CLINIC