अर्थराइटिस के मरीज़ों के लिए फिजियोथेरेपिस्ट के बताए 5 खास टिप्स मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में आपको फिजियोथेरेपी से आराम मिल सकता है अगर आप डॉक्टर की सलाह और देख - रेख में थेरेपी करें। वहीं आजकल एक समस्या जो कई लोगों में देखने को मिल रही है वो है अर्थराइटिस। ये अब कम उम्र के लोगों के लिए भी एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है और कई लोगों में त अर्थराइटिस असल में शरीर के जोड़ों की d. एक स्थिति है जिसमें जोड़ों में सूजन आ जाती है और इसका सबसे पहला लक्षण इनमें अकड़न ही होता है। ये उम्र के साथ और गंभीर और दर्दभरा हो जाता है। वैसे तो अर्थराइटिस के कई प्रकार होते हैं पर ये प्रमुख दो प्रकारों से विभाजित किया जाता है। ओस्टियोअ BB wर्थराइटिस और रुमेटॉइड अर्थराइटिस। रुमेटॉइड एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जिसमें जॉइंट कैप्सूल प्रभावित होता है और इससे जोड़ों में सूजन आती है और अंतत : जॉइंट कार्टिलेज प्रभावित होती है। ओस्ट...
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